राँची: डोरंडा महाविद्यालय, राँची की राष्ट्रीय सेवा योजना के तीनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में आज महाविद्यालय के सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में प्राचार्य डॉ राजकुमार शर्मा की अध्यक्षता में एक दिवसीय एन एस एस ओरियंटेशन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आज के समारोह में डोरंडा महाविद्यालय का छात्र सह एन एस एस का वरिष्ठ स्वयंसेवक दिवाकर आनंद को राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय पुरस्कार भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा सम्मानित होने के उपरांत उसे अंग वस्त्र, पौधा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एन एस एस के लक्ष्य गीत के उपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया जाएगा।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास में एन एस एस की प्रमुख भूमिका है एवं इसके माध्यम से युवाओं के अंदर सामाजिक दायित्व का भाव विकसित होता है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय का मान सम्मान दिवाकर आनंद ने बढ़ाया है एवं साथ ही साथ इनसे प्राप्त अनुभव का लाभ अन्य एन एस एस के स्वयंसेवकों को भी मिलेगा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आर यू के एन एस एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नही होता बल्कि सकारत्मक पहल से सफलता अपने आप मिलती है। उन्होंने कहा कि एन एस एस से जुड़ने से स्वयंसेवको का सर्वांगीण विकास के साथ ही साथ टाइम मैनेजमेंट एवं अनुशासन की भावना अपने आप आ जाती है। संपूर्ण कार्यक्रम डोरंडा महाविद्यालय, राँची के एन एस एस के तीनों इकाईयों के कार्यक्रम पदाधिकारी क्रमशः डॉ कंचन मुंडा, डॉ एमलिन केरकेट्टा एवं डॉ अलका दिव्या तिग्गा के देख रेख में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन एन एस एस के टीम लीडर्स क्रमशः प्रियांशी एवं प्रेरणा ने किया। तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कंचन मुंडा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान दिवाकर आनंद ने अपनी इस प्रमुख सफलता को विस्तार से बताया। कार्यक्रम में अर्थ शास्त्र विभाग की तरफ से भी दिवाकर आनंद को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को डोरंडा महाविद्यालय के प्राध्यापक क्रमशः डॉ शिल्पी सिंह, डॉ निवेदिता, डॉ पुष्पा बिन्हा, डॉ सुप्रिया, डॉ शालिनी, डॉ अरविंद कुमार ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में जनजातीय लोक नृत्य, लोक गीत भी प्रस्तुत किया गया। एन एस एस का स्वयंसेवक अविनाश और विधि ने कविता का पाठन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एन एस एस के टीम लीडर्स क्रमशः संकल्प, जमील, कंचन, आयुष्मान, वर्षा, रौशन आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान से किया गया।
