जमशेदपुर : आशिकाने गौसुल वरा के तत्वावधान मे आजादनगर स्थित बैतुल हस्सान के सामने गौस आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसका आगाज हाफिज नुमान के कुरान पाक के पाठ से हुआ। कवि गौहर अयूब ने मनकबत की रचना प्रस्तुत किया “रहजन भी रहनुमाई के सांचे मे ढल गए “। याकूब अनवर ने मनकबत पेश किया “हुसैन को हसीन मान लो अमीन बिन अमीन मान लो”मौलाना बशीर फैजी ने कहा “दिल ठिकाना मेरे हुजूर का है , जलवाखाना मेरे हुजूर का है”। प्रख्यात शायर मकसूद अनवर मकसूद संयोग से दोहा कतर से जमशेदपुर पहुंचे और उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज मे अपने रचना प्रस्तुत किया “दुनियाए सखावत के सखिशाह सखी आप र., वलियों के वली आप है वलियों के वली आप र.”।
स्थानीय मदीना मस्जिद के खतीब व इमाम मुफ़्ती अवैस रजा अजहरी ने अपने वक्तव्य मे कहा कि अल्लाह के नेक बन्दे वह हैं जो भी उन से मिलता है उनका हो कर रह जाता है। अल्लाह के वली हमेशा इस्लाम का संदेश देते हैं। बन्दा जितना अल्लाह की इबादत मे झुकता है अल्लाह उस बन्दे के स्थान को बुलंद करता जाता है।दारैन अकेडमी के डायरेक्टर मुफ़्ती अब्दुल मालिक मिसबाही ने अपने वक्तव्य मे कहा कि सरकार गौसपाक का हम पर बड़ा उपकार है कि उन्होंने जो मार्ग हमें बताया उस से हमारी कब्रे भी रौशन हुई और महशर मे भी सफलता मिलेगी। कांफ्रेंस का संचालन साहित्य जगत के नामित कवि मकसूद अनवर मकसूद ने किया। सलातोस्लाम व दुआओं के बाद कांफ्रेंस का समापन हुआ। तत्पश्चात लंगर का भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर डा. हसन इमाम मलिक , महताब अनवर , मोइन अंसारी , नसीम कादरी , मुर्तजा अनवर खान , नौशाद आलम , रौशन जमशेदपुरी , मो.जुम्मन , वसीम अहमद , मो.इजहार , मो.गुलजार , शाहनवाज खान , बाबर खान , मो.हबीब , शाकिर अज़ीमाबादी , संजीव भरद्वाज(रिंटू) , निखिल कुमार , शेखर श्रीवास्तवा, खुर्शीद अज़हर , असर भागलपुरी , नूरुल हक (झुन्ना) ,शाहनवाज हुसैन , मुजाहिद खान , जावेद खान , प्रभात कुमार , दसमत सोरेन , राशिद अख्तर , महबूब आलम , ग़ुलाम मुर्तजा खान , याकूब खान सहित बड़ी संख्या मे गौसप्रेमी उपस्थित थे।
