-
बीगन भोक्ता ने ही किया था विस्थापित कमिटी के द्वारा टेरर फंडिंग का खुलासा…बाद में खुद बन गया अध्यक्ष
-
केवल पूर्णाडीह ही नहीं सीसीएल की सभी परियोजनाओं से हो रही करोड़ों की अवैध वसूली
चतरा के विभिन्न कोल परियोजनाओं में सीसीएल के कर्मी और कोल परियोजना के सेल्स इंचार्ज, विस्थापन समिति और कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन के नाम पर करोड़ों की वसूली की जा रही है. वसूली करने वालों का दावा है कि यह रकम विस्थापितों के कल्याण के लिए उगाही की जाती है इसका टीपीसी या नक्सली संगठन से कोई संबंध नहीं है. लेकिन विस्थापितों का बुरा हाल देखने से साफ हो जाता है कि मामले में केवल आईवास किया जा रहा है. आज भी उगाही की रकम नक्सलियों, टीपीसी, सीसीएल अधिकारियों, विस्थापन कमिटी के नेताओं के बीच बंदरबांट हो जाती है. इस काम में कांटा घर के कर्मचारी सहित अन्य लोग शामिल हैं. लेवी का बड़ा हिस्सा टीपीसी उग्रवादियों तक पहुंचाया जाता है.
रैयत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष बीगन भोक्ता ने ही किया था टेरर फंडिंग का खुलासा
टेरर फंडिंग की जांच में लगी पुलिस टीम के समक्ष टेरर फंडिंग की रकम के बंटवारे का खुलासा वर्तमान में रैयत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष बीगन भोक्ता ने ही किया था. कुछ वर्ष पहले धनराज सिंह भोक्ता और विगन भोक्ता के ठिकानों पर छापामारी की गई थी. विगन भोक्ता के घर पर स्पेशल टास्क फोर्स ने छापेमारी की थी. बीगन ने पूछताछ में बताया है कि टीपीसी के ब्रजेश गंझू, आक्रमण एवं अन्य के संरक्षण में पिपरवार थाना अंतर्गत अशोका, पिपरवार एवं पुरनाडीह कोल परियोजना में विस्थापित ग्रामीण संचालन समिति का गठन किया गया है. जिसमें ग्रामीण बेंती, विजनटोला, न्यू मंगरदाहा, सरैया ठेठांगी, सरैया के कुछ व्यक्ति अशोक कोल परियोजना में ….ग्राम कल्याणपुर, बहेरा, राजधर के कुछ व्यक्ति पिपरवार कोल परियोजना में ….और ग्राम पुरनाडीह, जामडीह, एकराडीहगड़ा व कठौन के कुछ लोगों को पुरनाडीह कोल परियोजना के संचालन समिति में शामिल किया गया है.
बीगन भोक्ता ने किया था विनय खलखो के नाम का भी खुलासा
इस पूछताछ में ही बीगन ने विनय खलखो के संबंध में पुलिस को जानकारी दी कि वह उग्रवादियों के संरक्षण में संचालन समिति के नाम पर अवैध तरीके से लेवी की वसूली करता है. बरवाडीह गांव निवासी धनराज भोक्ता उर्फ मिठू ने पूछताछ में बताया था कि कांटा घर में वाहनों का कांटा होने के बाद जब लोडिंग के लिए वाहनों को भेजा जाता है, तो उसके पहले विस्थापित ग्रामीण के लिए विजमैन संचालन समिति या कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन को एक हजार रुपये प्रति वाहन मालिक देना पड़ता है. रुपये नहीं देने पर कोयला लोड नहीं होने दिया जाता है.
इन नामों का हुआ था खुलासा
विगन भोक्ता और धनराज भोक्ता ने पूछताछ में बताया था कि टीपीसी के ब्रजेश गंझू, भीखन गंझू, आक्रमण, आदेश गंझू, आजाद, सौरभ और मुकेश के संरक्षण में पिपरवार कोल परियोजना में बबलू सागर मुंडा, जानकी महतो, क्यूम अंसारी, मुन्ना मियां, असलम, प्रकाश मुंडा, विनोद महतो, विजय महतो, गब्बर महतो, बालेश्वर उरांव, दिनेश भगत, कैलाश करमाली, शिव प्रकाश प्रजापति, दर्शन गंझू, अवध ठाकुर, तालेश्वर उरांव, देवनारायण गंझू, प्रेम सागर मुंडा, रतन महतो, वासुदेव, विकास, नागेश्वर गंझू, अर्जुन गंझू, धनेश्वर गंझू, सुरेश गंझू, विजन, देवलाल गंझू, सुखी गंझू, फागू गंझू आदि के नाम पर वसूली की जाती है. जिसमें एजाजुल, विशुन देव, प्रेम गंझू, सुरेंद्र राम, जुगेश, अनिल चौबे माइनिंग सरदार सीसीएल के द्वारा टीपीसी उग्रवादियों एवं संचालन समिति के बीच तालमेल स्थापित कर टीपीसी उग्रवादी संगठन के निर्देशों को संचालन समिति के सदस्यों तक पहुंचाया जाता है.
टेरर फंडिंग से जुड़ी हत्याएं
राजधानी के मोरहाबादी मैदान स्थित होटल पार्क प्राइम के पास भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सागर मुंडा की गोली मारकर हत्या.
गुरुद्वारा चौक के पास दिनदहाड़े कोयला कारोबारी रिंकू सरदार की ताबड़तोड़ गोली चलाकर हत्या.
राय रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के सामने कोयला करोबार से जुड़े मुन्ना खान को गोली मार दी गई.
पिपरवार जीएम ऑफिस के पास जगदीश होटल में रात सात बजे तीन कोयला कारोबारियों को अपराधियों ने गोली मार दी. इसमें लखन महतो और सूरेश गंझू उर्फ की मौत मौके पर ही हो गई थी.
पिपरवार थाना क्षेत्र में कोयला कारोबारी साबिर अंसारी (35) की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी .बाइक सवार अपराधियों ने छह राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या की थी.
