यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री
Ranchi: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं उप- विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने संयुक्त रूप से Rural Immersion & Culturual Celebration Programe के तहत Camping Programe निर्धारित है, जिसके लिए इच्छुक पर्यटकों को आज दिनांक 25.09.2025 को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखा कर प्रखण्ड रातू के ग्राम पाली के लिए रवाना किया गया।
इस दौरान, जिला नजारत उप समाहर्ता राँची, डॉ. सुदेश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी राँची, श्री शिवेंद्र कुमार सिंह एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) तथा जिला प्रशासन, राँची के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यटन दिवस 2025 के अवसर पर राँची जिले में 21 से 27 सितंबर 2025 तक *पर्यटन जागरूकता अभियान* का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यटन के प्रति आम जनमानस में जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन देना, और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है।
इसी कड़ी में दिनांक 24 सितंबर 2025 को राँची के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल *टैगोर हिल* में *सफाई अभियान* और *योग कार्यक्रम* का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग *130 पर्यटकों* ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफाई अभियान के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाया, वहीं योग कार्यक्रम ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर किया। यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने में सफल रहा।
विश्व पर्यटन दिवस के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से *25 से 26 सितंबर 2025* को *रूरल इमर्शन एंड कल्चरल सेलिब्रेशन प्रोग्राम* के तहत *कैंपिंग प्रोग्राम* का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राँची जिले के *रातू प्रखंड* के *पाली गाँव* में आयोजित होगा।
यह कार्यक्रम ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय कला-संस्कृति, और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
यह अभियान न केवल पर्यटकों को झारखंड के ग्रामीण और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का भी एक कदम है। कैंपिंग कार्यक्रम के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, और सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आनंद ले सकेंगे, जो झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।
उपायुक्त ने सभी पर्यटकों, स्थानीय निवासियों, और पर्यटन प्रेमियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और कहा हम सब मिलकर झारखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को विश्व पटल पर उजागर करें।
