रांची : बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और छात्रों के मुद्दों को लेकर समस्त आदिवासी संगठन के बैनर तले अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ आदिवासी नेता प्रेमशाही मुंडा ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया तथा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाएं, कथित घोटाले और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्र शिक्षा, रोजगार और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान “शिक्षा नहीं तो भविष्य नहीं”, “शिक्षा का अपमान नहीं सहेंगे”, “शिक्षा हमारा अधिकार है, कोई उपकार नहीं” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए।संगठन ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करने तथा छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
