रांची: शहीद ए आजम भगत सिंह की 118 वीं जयंती के अवसर पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट और झारखंड नवनिर्माण दल की ओर से रांची के पुराना विधानसभा हाल में रोजगार और सामाजिक अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में झारखंड में पूंजी पलायन पर रोक लगाने, नॉन बैंकिंग और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की लूट को रोकने, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण, सर्वमान्य स्थानीय नियोजन नीति के अलावा देश के कॉर्पोरेट घरानों की संपत्ति पर समुचित टैक्स लगाकर संसाधन जुटाने और इसे रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी पर खर्च करने समेत16 सूत्रीय प्रस्ताव को सर्वसम्मति लिया गया और झारखंड स्थापना दिवस 15 नवंबर को राज्यभर के जिला मुख्यालय में संकल्प दिवस के रूप में मनाने का निर्णय हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता झारखंड नवनिर्माण दल की नेता पुष्पा उरांव ने की और संचालन बसंत बडाईक ने किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए एआईपीएफ के झारखंड प्रभारी और झारखंड नवनिर्माण दल की केंद्रीय संयोजक विजय सिंह ने कहा झारखंड निर्माण के 25 सालों में झारखंड लूटखंड में बदल गया है। सरकारे बदलती रहती हैं लेकिन कॉर्पोरेट घरानों की लूट की पक्षधर नीतियां जस की तस बनी रहती है। हालत यह है कि झारखंड से न सिर्फ मजदूर, नौजवान पलायन कर रहे हैं बल्कि यहां के लोगों की बैंकों में जमा पूंजी का 50 प्रतिशत दूसरे प्रदेशों में चला जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूंजी पलायन पर रोक लगाकर इसे रोजगार सृजन में खर्च किया जाए और सर्वमान्य स्थानीय नियोजन नीति का निर्माण किया जाए।
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहा कि आज जिस तरह से देश में कॉर्पोरेट-हिंदुत्व गठजोड़ द्वारा तानाशाही थोपी जा रही है। लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। असहमति रखने वाली हर आवाज पर बर्बर दमन हो रहा है। लद्दाख के जन नेता सोनम वांगचुक पर दमन इसका ताजा उदाहरण है। ऐसी स्थिति में देश में जन मुद्दों की लोकतांत्रिक राजनीति को मजबूत करना वक्त की जरूरत है। ऐसी ही जन राजनीति के लिए एआईपीएफ प्रयास कर रहा है। 7-8 दिसंबर 2025 को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है जिसमें भाग लेने की उन्होंने प्रतिनिधियों से अपील की।
