रांची:झारखंड सरकार के योजना एवं विकास तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार (आईएएस) ने कहा कि भारत की बहुलतावादी पहचान ‘सलाद संस्कृति’ जैसी है, जहाँ हर समुदाय अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखते हुए एक साथ फलता-फूलता है। समावेशिता ही सुशासन और सशक्त राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। वे गुरुवार को उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (यूएमयू) के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित विशेष व्याख्यान “बदलते भारत में शासन व्यवस्था: चुनौतियाँ और अवसर” को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
आईएएस मुकेश कुमार ने भारतीय सभ्यता में वैशाली की प्राचीन गणतांत्रिक व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि यह हमारे समृद्ध लोकतांत्रिक इतिहास की आरंभिक व ऐतिहासिक अभिव्यक्ति है। उन्होंने रेखांकित किया कि लोकतंत्र में संघर्ष और एकता का चोली-दामन का साथ है; जब विभिन्न वर्ग संघर्ष और एकजुटता के साथ आगे बढ़ते हैं, तभी राष्ट्र निर्माण की दिशा तय होती है। उन्होंने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में झारखंड के महत्व और उसकी भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
संबोधन में उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और निस्वार्थ सेवा के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि ये मूल्य आज भी लोक प्रशासन और सार्वजनिक जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने नीति-निर्माण और शासन की बारीकियों पर खुलकर सवाल किए, जिसका श्री कुमार ने सहजता से उत्तर दिया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यवाहक कुलपति ब्रिगेडियर सुमर वीर सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सत्र के समापन पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिव प्रताप वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम की संकल्पना एवं समन्वय ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग की डॉ. प्रियंका पल्लवी द्वारा किया गया। मौके पर कैंपस निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, डीन अकादमिक्स प्रो. बी.एन. सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
