रांची: गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित तिर्रा केमता टोली में छोटानागपुर तेली समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी छात्र संघ गुमला के नेता अशोक भगत द्वारा तेली समाज के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक बयान का सर्वसम्मति से विरोध किया गया।बैठक को संबोधित करते हुए उदासन नाग ने कहा कि झारखंड के प्रत्येक नागरिक को भारत के संविधान के तहत अपने अधिकारों की मांग करने का अधिकार है। तेली समाज वर्षों से अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किए जाने की शांतिपूर्ण मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि “तेली समाज अपने हक़ की मांग सरकार से कर रहा है, किसी से भीख नहीं मांग रहा। अब तेली समाज अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है।”उदासन नाग ने स्पष्ट किया कि तेली समाज किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू नहीं है। उन्होंने कहा, “चाहे पूर्व की सरकारें हों या वर्तमान सरकार, सभी ने तेली समाज को ठगने का कार्य किया है। लेकिन अब समाज जाग चुका है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहा है।”उदासन नाग ने कहा कि तेली समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में तेली समाज के युवाओं के लिए साधारण नौकरियाँ, जैसे चपरासी की नियुक्ति तक, कठिन हो गई हैं, जिससे युवाओं में गहरी नाराज़गी है।उदासन नाग ने यह भी कहा कि कुर्मी समाज अपने अधिकारों की संवैधानिक मांग कर रहा है और तेली समाज उसका समर्थन करता है।बैठक में प्रमुख रूप से भागीरथी साहू, दिलीप साहू, कृष्ण ओहदार, मुकेश ओहदार, गोवर्धन साहू, अभिषेक साहू, गुरुचरण साहू और अजय साहू उपस्थित रहे।
